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कुमुद वर्मा

Gujarati Book Latest Edition

Gujarati Book Latest Edition

Cover of latest edition of book titled, "Shresta Shikshak kevi reete thavaye" (how to be an effective teacher).

कुमुद वर्मा के वैब स्थल पर आपका स्वागत है

कुमुद वर्मा के वैब स्थल पर आपका स्वागत है

बन्दर बाँट

काली व सफ़ेद बिल्ली,
दोनों में मित्रता बङी,
दोनों को थी भूख लगी,
इक रोटी पर नज़र पङी ।

काली उस पर जा लपकी,
सफ़ेद कहे ये मेरी,
मैंने यह पहले देखी,
और दोनों लङ पङीं ।

इतने में आया बन्दर,
बन्दर था चपल कलन्दर,
मन उसके लालच आया,

प्यासा कौआ

इक कौआ प्यासा था,
पानी ना पी पाया,
वह यहाँ वहाँ भटका,
परेशान हो आया।

मटका एक मिला फिर,
उसमें पानी पाया,
कोशिश करने पर भी,
चोंच में नहीं आया।

कंकर पर पङी नज़र,
तो उपाय अपनाया,
घङे में डाले कंकर,
पानी ऊपर आया ।

मेहनती कौए ने,

अँगूर खट्टे हैं

देखो लोमङी मौसी आई
अँगूर देखे तो ललचाई,
एक तरकीब समझ में आई,
फिर उसने उछल कूद मचाई।

बङी देर तक जान लगाई,
अंगूरों तक न पँहुच पाई,
इरादा अपना बदला भाई,
खट्टे कह कर वो छोङ आई।

लालची कुत्ता

सोनू कुत्ता भूखा फिरता,
कोई मालिक ना था उसका,
जाकर उसने घात लगाई,
फिर पाया रोटी का टुकङा ।

सोचा चैन से खाऊँगा,
शहर से दूर मैं जाऊँगा,
रास्ते में एक नदी आई,
परछाई थी अपना मुखङा ।

सोचा वहाँ और कुत्ता है,
उसके मुँह में भी टुकङा है,

शहीद

न रोओ मेरी शहादत पर ,
मैं भी दुःखी हो जाऊंगा ,
सेना में आया तो सोचा ,
देश के काम मैं आऊँगा ।
माँ तूँ न रो इस शहादत पर ,
मैं तो वापस ना आऊँगा ,
बापू को समझा देना तू ,
मैं अब शहीद कहलाऊँगा ।
बहना तेरी राखी का तो ,
पूरा मोल चुकाने को ,

आतंक की एक शाम

लगातार बजता मोबाइल
शहर में हुए धमाके
टी. वी. पर ब्रेकिंग न्य़ूज़
घबराए हुए चेहरे
दहशत का माहौल
मंडराता हुआ ख़ौफ का साया
ऐसा लगा कि आतंकवादी
बस मेरे करीब ही है।
अन्दर तक घबरा गई
दिमाग़ शांत नहीं
तस्वीरों ने हलचल मचा दी

कैसे होता है ?

क्यों प्रताड़ित करता है
मानव ही मानव को इतना
कि दुःखी होकर वो चीत्कार कर उठता है ।
ऐसा सब
जानबूझ कर किया जाता है,
या अनजाने में हो जाता है ?
ऐसा लगता है
सब जानबूझ कर मानव
स्वार्थों की पूर्ती के लिए करता है ।

भविष्य क्या होगा ?

एक निरीह अशक्त प्राणी
जो रेंगता हुआ निकट पँहुच चुका है मंज़िल के
किन्तु असफल दिख रहा है,
मंज़िल पाने में,
उसका भविष्य क्या होगा ?
तेज़ हवा
क्या उसका रास्ता रोक देगी ?
पानी
क्या उसे बहाकर ले जाएगा ?
या फिर