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कुमुद वर्मा

Gujarati Book Latest Edition

Gujarati Book Latest Edition

Cover of latest edition of book titled, "Shresta Shikshak kevi reete thavaye" (how to be an effective teacher).

कुमुद वर्मा के वैब स्थल पर आपका स्वागत है

कुमुद वर्मा के वैब स्थल पर आपका स्वागत है

गम मेरा साथी

ख़ुशी जल्दी में थी, मुस्कुराकर चली गई,
गम फुर्सत से आए, अश्रु का उपहार लाए,
कुछ न लाते तो क्या, रोने से बच जाते,
ख़ुशी भी तो आई और मुस्कुराकर चली गई.
गम ने कहा हमें कि, अगर हम न आते तो,
तुम बेवकूफ बनते, अगर यूँ ना सिसकते,

मैं नारी हूँ

दुर्गा भी हूँ
शक्ति भी हूँ
नारायणी हूँ
मैं नारी हूँ
शुची भी हूँ
स्मिता भी
मुस्कान भी
मैं नारी हूँ
मान भी हूँ
अरमान हूँ
अभिमान हूँ
मैं नारी हूँ
कल्याण हूँ
भाग्यवान हूँ
बलवान हूँ
मैं नारी हूँ
दंभ भी हूँ
स्तम्भ हूँ
अवलंब हूँ

हम तो बच्चे हैं

हम तो बच्चे हैं

हम तो बच्चे हैं

एक से दो भले

चले हैं हम कुछ विचार लेकर,
सोचा है अब आपको साथ लेकर,
जियेंगे शान्ति का दामन पकड़कर,
हम चले हैं कुछ विचार लेकर.
मज़ा है सिर्फ साथ चलकर ,
थक गए हैं अकेले चलकर ,
अब चलेंगे हमेशा साथ लेकर,
चले हैं हम ये विचार लेकर.
हमने देखा है अकेले चलकर ,

रास्ते

लम्बे हैं रास्ते ,
चौड़े हैं रास्ते ,
यहाँ से हैं रास्ते ,
वहाँ से हैं रास्ते ,
आते हैं लोग यहाँ से ,
जाते हैं लोग वहाँ से,
हम खड़े हैं यहाँ पे,
वो आते नहीं वहाँ से.
हम खड़े हैं देर से ,
पता नहीं किस वास्ते,
हम प्रश्न हैं पूछते,

समय

समय ऐसा भी होता है
जब आप आश्वस्त हैं चारों और से ,
कुछ भी होता रहे मगर ,
आपको नहीं वास्ता किसी और से,
कुछ विचलित करने वाला हो अगर,
आंसू आता है आँख के कोर से,
कुछ आनंदित करने वाला हुआ तो,
गूंजा देते हैं चहूँ ओर अपने शोर से,

स्वप्न बिन जीवन

बैठती हूँ तो दिन में वही ख्याल ,
सोती हूँ तो रात को वही स्वप्न ,
आनंदित कर देता है मुझे,
-ऐसा लगता है एक क्षण के लिये .
जब टूटता है वो स्वप्न ,
जब बाहर आती हूँ उस ख्याल से,
दुखों के बादल घेर लेते हैं मुझे ,
-ऐसा लगता है एक क्षण के लिये .